क्यों डरें?

शुक्रवार, सितम्बर 28, 2007 6:25 अपराह्न को जगजीत सिंह श्रेणी में प्रकाशित किया गया।

क्यों डरें जिन्दगी में क्या होगा,
कुछ न होगा तो तज्रुरबा होगा।

हंसती आँखों में झाँक कर देखो,
कोई आँसू कहीं छुपा होगा।

इन दिनों न उम्मीद सा हूँ मैं,
शायद उसने भी यह सुना होगा।

देखकर तुमको सोचता हूँ मैं,
क्या किसी ने तुम्हे छुया होगा?

गायकः जगजीत सिंह
शायरः जावेद अखत्तर .



टिप्पणियाँ बंद हैं