विश्वासघात को सलाम

गुरुवार, अक्तूबर 4, 2007 1:04 अपराह्न को कविता श्रेणी में प्रकाशित किया गया।

तेरे विश्वासघात को सलाम
जो कर पाया मैं फ़िर कविता शुरू।।



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