इस रिश्ते के कितने मायने हैं, शायद तुम्हे भी एहसास न होगा। शायद मुझे भी एहसास न था। यह मैंने इन पिछले दो महीनों में जाना।
गोलू जो मेरी सबसे प्यारी है, फूट फूट कर रोने लगी जब उसे पता चला कि तुम अब मेरे साथ नहीं रह रही हो। कहने लगी: अब भइया का क्या होगा? टीना बेचारी सुन्न हो गई और कुछ न बोली। मझे पता नहीं, जो मुझे सुनाया गया वही लिख रहा हूँ। सोचा था कि जब बच्चों को पता चलेगा तो टीना रोएगी और गोलू चुप रहेगी। मेरी सबसे प्यारी है – इसीलिए शायद उसे दर्द का ज्यादा एहसास था।
कुछ दिनों पहले शुभ भी कहने लगा – शायद तुम्हारा नाम भूल गया था – वो जो मामी आती थीं जो हमारे लिए बहुत सारी चीज़ें लाती थीं वो अब क्यों नहीं आती? सान्चू को तो तुम्हारा जन्मदिन तक याद था।
जो कोई भी पूछता है – भाभी कैसी है? – क्या जवाब दूँ? – कि मेरे साथ विश्वासघात हुआ है? कुछ लोगों का कहना है कि मैं तुम्हें क्षमा कर दूँ। परन्तु मैं क्षमा तो कर दूँ, पर यह सब लोग जो तुम्हें प्यार करते हैं, जब उन्हें पता चलेगा, क्या वो तुम्हें क्षमा कर पाएंगे?
और मेरा क्या – जब भी तुम्हारे बारे में सोचता हूँ, दो चोर छवियाँ साथ नज़र आती हैं। उन छवियों को कैसे स्मृति से मिटाऊँ? और शायद आज मेरे हाथ में भी कुछ नहीं है। तुम्हे सर्वप्रथम अपने आप से क्षमा मांगनी होगी। उसके बाद इन सब लोगों से जिनके विश्वास का हनन हुआ है। तुम शायद भूल रही हो कि या अपने अहम् में इतनी चूर हो कि तुम्हे लगता ही नहीं कि तुमने कितने लोगों के विश्वास का हनन किया है। अगर वो तुम्हे क्षमा करते हैं, मैं भी क्षमा कर दूँगा। मैं जानता हूँ कि यह रिश्ते की नई शुरुआत होगी, रिश्ता दोबारा शायद पहले वाला स्थान व मकाम पे न हो, परन्तु एक नए रिश्ते की शुरुआत की जा सकती है। मैं फ़िर कहूँगा, अगर तुम सचमुच में प्रायश्चित करती हो और अपने ऊपर शर्मसार हो। क्या कहूँ? मेरी यही प्रार्थना है कि इश्वर तुम्हे सत्य बोलने की शक्ति दे। और मुझे व हमारे प्रिय जनों को भी तुम्हें क्षमा करने की शक्ति दे।