स्वप्न

मंगलवार, अक्तूबर 30, 2007 1:36 अपराह्न को विश्वासघात, स्वप्न श्रेणी में प्रकाशित किया गया।

मैं इन ढाई महीनों को अगर पीछे मुड़ कर देखता हूँ तो पाता हूँ की तुम्हे छोड़ने से ज्यादा कारण हैं की हम इस सम्बन्ध की एक नए सीरे से शुरुआत करें।

कारण यही नहीं की मैंने तुम्हारे साथ एक अच्छा वक्त गुज़ारा है, या मेरे हृदय में तुम्हारे लिए अभी भी प्यार है। परन्तु यह भी कि तुम भी जानती हो कि मेरी दुर्गा माँ में कितनी आस्था है। उसी दुर्गा माँ ने अपने मुख से कहा कि तुमने वह कार्य जिससे तुम इनकार कर रही हो, वह तुमने किया है, परन्तु उसी माँ ने मुझे यह भी कहा था कि वह सुधार करेंगी और घर को बिगाड़ने नहीं देंगी। मुझे उनके वचनों पर भरोसा है।

दूसरी बात यह भी है कि कुछ दिनों पहले मैं दोपहर को सोया था। मैं और गुड़िया ही थे यहाँ पर। मैंने स्वपन देखा कि तुम, तुम्हारा भाई और तुम्हारी माँ घर पे आए थे। पर घर, घर जैसा नहीं लग रहा था। कुछ और जगह लग रही थी। तुम अपनी गलती स्वीकार करने को तैयार न थी। परन्तु तुम्हारी माँ और तुम्हारा भाई बहुत शर्मिंदा थे। घर पे मैं, मेरी माँ और गुड़िया के साथ बुआ भी थीं। इस बीच में तुम उठ कर बाहर सड़क में चली गई, और गुड़िया तुम्हारे पीछे पीछे चली गई तुम्हें रोकने हेतु। तुम्हारी माँ ने कहा – जाने दो इसे, अगर इसे शर्म नहीं आती तो मरने दो इसे।

मैंने फिर यह कहा कि हम सब की भलाई इस में है कि हम मिलकर संबंद विच्छेद कर दें तो उस में बुआ ने कहा – नहीं ऐसी बात नहीं करते, तलाक तो नहीं होगा। माँ ने भी हाँ में हाँ मिलाते हुए कहा – तो ठीक है फिर अब वैसे चलना होगा जैसे हम कहेंगे। मैंने तुनक कर माँ के पास जा कर कहा – कि आज तक तो आप यही चाहते थे और अचानक से कैसे यह परिवर्तन आ गया। तो मेरी माँ ने कहा – हौ मैं भी तेरी बुआ की हाँ मैं हाँ मिलाने लग गई। उतनी देर में मुझे गुड़िया ने उठा लिया और स्वप्न टूट गया।

बाद में मैंने एक पंडितजी से पूछा था की मेरे स्वप्नों में बुआ आती हैं तो उन्होंने बताया कि जो अच्छा व्यक्ति अपनी आयु से पहले मृत्यु को प्राप्त कर ले वो देव आत्मा कहलाती है और देवों के साथ अपनी निश्चित आयु तक रहती है। जो कोई बुरा व्यक्ति हो उसकी आत्मा भूत प्रेत बनकर भटकती रहती है। तुम्हारी बुआ एक देव आत्मा है। सोने से पहले अगर उनका स्मरण करोगे तो वह तुम्हे स्वप्न में आ कर सही मार्ग दिखायेगी।

मैं इन सब बातों को बुआ का संकेत लेकर चल रहा हूँ। शायद बुआ भी नहीं चाहती कि यह सम्बन्ध बिगड़े। परन्तु मुझे इतना ही खेद है कि तुम अभी भी असत्य का साथ नहीं छोड़ रही हो।



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