तुमने दलदल चुना। अब वहीं रहो। तुम्हे एक मौका दिया गया था पश्चाताप करने का, जो कि तुमने गँवा दिया है। अब ज़िदगी भर इस बोझ को अपने सीने पर ढ़ोते रहो। और इस दलदल में रहो। अलविदा।
अलविदा
शुक्रवार, नवंबर 2, 2007 12:50 अपराह्न को विश्वासघात श्रेणी में प्रकाशित किया गया।