तीज

मंगलवार, जुलाई 1, 2008 3:00 अपराह्न को कविता श्रेणी में प्रकाशित किया गया।

मैं भागा-भागा पपीहर पाछे
सुनने कहुक मधुर पुकार।
वो बैठा – बस बाँह तेरे
चूड़ियों में छुप छनकार॥

छन-छन, छन-छन, रंजन मन
लाल-नीले छनके अलंकार।
हलहला! हलचल! हाए! हिय!
काहे कचोए काँच कतार?

संग-संग, चल-चल, चहकी चंचल
मैं तीज बैठी, सजन संवार।
थाम कलाई, आ बंधन बन
मुझ सी, कहे, चूड़ी चुक्कार॥

सीली पलकन, छलकन सावन
पोंछे पपीहर, बाँह बन डार।
छन-छन छेड़े चूड़ी पुकार -
मैं पिया-पिया प्यार-प्यार॥



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