सर्दियों ओर लोहड़ी की कुछ बातें
नितिन ने बचपन की याद दिला दी है, सर्दियों की छुट्टियों की बात करके।
वो लिखते हैं: “सर्दियाँ आख़िर आ ही गयीं। इस समय रात का एक बजा है और कडाके की ठण्ड पड़ रही है। इस ठण्ड में आख़िर नींद कहाँ आने वाली है। सोचा क्यों न कुछ लिखा जाए। सर्दियाँ आते ही मुझे अपने [...]